हमने भी जिंदगी के कई रंग देखे ,
कभी धूप कभी छांव कभी बारिशों संग देखें,
बदलते मौसम के साथ लोगों के चेहरे बदलते देखे,
यह उन दिनों की बात है जब हम मायूस हुआ करते थे
अपनी मायूसी का गीत लोगों के बीच गया करते थे,
कभी-कभी आंसू भी बहाया करते थे,
अक्सर लोग मेरी आंसुओं को हंसी में उदय करते थे ,
अचानक जिंदगी ने एक नया मोड़ लिया,
हमने अपना परेशानी ही बताना छोड़ दिया,
अब दूसरों के दुख में हंसी का बीज बोया करते हैं,
कभी रोना पड़े तो हंस हंस के रो लिया करते हैं।
कभी रोना पड़े तो हंस हंस के रो लिया करते हैं।।