हडप्पाई नगरों का नगर नियोजन व प्रबंधन आज के परिवेश में भी प्रशंसनीय है, उसके जल निकास प्रणाली पर तो जॉन मार्शल की टिप्पणी भी मुहर लगाती है। यह प्रबंधन वर्तमान में स्मार्ट शहरों हेतु आवश्यक तत्व के रूप में विद्यमान है।


स्मार्ट शहरों की मांग होती है उच्चस्तरीय नगर - नियोजन, सुव्यवास्थित सामाजिक संरचना, उच्च कोटि का प्रशासन एवं सामाजिक जीवंतता । स्मार्ट शहर प्रगतिशीलता वैज्ञानिकता एवं अनुशासन‌प्रियता के प्रतीक होते है।


नगरों की संरचना, प्रबंधन, जल निकास प्रणाली तथा मानवीय गतिविधियां हड़प्पाईयों की वैज्ञानिकता को प्रदर्शित करते है तो उच्च कोटि का श्रम प्रबंधन व दुर्गों का निर्माण, जल निकास हेतु नालियों एवं मैनहोल्स, स्नानागारों, अन्नागारो, गोदीवाड़ा की उपास्थिति, सडकों का एक विस्तृत ग्रिड व समकोणीय स्थिति जो नगरों को सुव्यवस्थित करती है, उनकी प्रगतिशीलता एवं अनुशासनप्रियता को प्रदर्शित करती है। स्मार्ट शहरों में मूलभूत सुविधाओं (जो हडप्पा में मौजूद थी) के साथ- साथ स्वास्थ्य एवं स्वच्छता अहम होते है, हड़प्प्पई नगरों में स्पष्ट प्रदर्शित होते है।


हडप्प्पई नगरों में प्रत्येक प्रणाली यथा अन्नागार, श्रमिक आवास, नीचला नगर, सड़कें नालियां एवं नालियों को ढकने हेतु ढक्कन तथा निरन्तर सफाई आदि की व्यवस्था उन्हें एक स्वस्थ, स्वच्छ एवं स्मार्ट शहर बनाते हैं। अर्थात यह कहा जा सकता है कि हडप्पाई नगर स्मार्ट शहरों की अवधारणा से परिचित तो थे ही साथ ही उन्होंने इसे व्यक्त करने का प्रयास भी किया है।