ॐकारं बिन्दुसंयुक्तं नित्यं ध्यायन्ति योगिनः।

कामदं मोक्षदं चैव ॐकाराय नमो नमः॥


अर्थ: जो ओंकार (ॐ) बिन्दु (ब्रह्म) से युक्त है, जिसका योगी नित्य ध्यान करते हैं, जो इच्छाओं (कामद) और मोक्ष (मोक्षद) को प्रदान करने वाले हैं, उन ॐ कार को बार-बार नमस्कार है।